Thursday, December 20, 2018

اتهام نجمة الغناء شاكيرا بالتهرب الضريبي في إسبانيا

وتروي جوزفين لبي بي سي عن أحدث رحلاتها، قائلة "ذهبت مع إحدى المجموعات التي تعرفت عليها بموقع فيسبوك في رحلة خمسة أيام إلى مدينة دهب بسيناء. كان الهدف من الرحلة التعرف على الذات، ومعرفة إمكاناتها عن طريق تسلق أحد الجبال الصخرية".
"في البداية، بدا الأمر لي ضربا من الجنون".
"وقفنا أمام الجبل الذي سنتسلقه، وجعلني منظم الرحلة أتحسس الحبل الذي سيربطني به، لكني رفضت أن أكون أول من يصعد. كان الرجل يقول لي (لا تقلقي يا جوزفين فالدرب مرسوم)، ولم أكن أفهم ماذا يعني ذلك".
وتضيف "وضعت يديَّ على الجبل وحركتهما يمنة ويسرة، لم أترك شيئا على الجبل لم ألمسه، كنت مثل المروحة في حركتي. وأدركت أن عبارة "الدرب مرسوم" تعني أن الطريق مفتوح ولا عقبات أمامك. وعندما صعدت لأعلى الجبل هتفت لمن بالأسفل وأنا أضحك (الدرب مرسوم، الدرب مرسوم)".
وتقول جوزفين عن أحلامها إن العيش في المجتمع المحيط بها صعب على المكفوفين، مشيرة إلى أنها تنوي ترك عملها والعمل في مجال التعليق الصوتي.
"أرغب في إنشاء مجتمع للتوعية بذوي الاحتياجات الخاصة. ليس لدى الناس وعي في ما يتعلق بالتعامل مع هذه الفئة. والشارع أيضا غير مجهز لمساعدة المكفوفين".
أما عن أكبر أحلامها، فتقول "أرغب في السفر إلى نيبال، والقيام برحلات مشي فردية هناك بمساعدة المحليين. لكنني أحتاج إلى الكثير من المال، ولذلك أفكر في بدء حملة لجمع تبرعات لتلك الرحلة".
اتهم مدعون في إسبانيا نجمة الغناء الكولومبية، شاكيرا، بالتهرب الضريبي بعد أن قالت السلطات إن عليها سداد أكثر من 16.3 مليون دولار.
وتتعلق هذه الاتهامات بالفترة بين 2012 و2014، إذ يقول المدعون إنها كانت مقيمة خلالها في إسبانيا لكنها سجلت محل إقامتها في بلد آخر.
ويعتبر مَن يقضي في إسبانيا أكثر من ستة أشهر مقيما يتعين عليه دفع ضرائب.
ونفت مصادر مقربة من شاكيرا صحة الاتهامات الموجهة للمغنية الشهيرة، وأكدت أنها كانت مقيمة في تلك الفترة خارج إسبانيا.
لكن المدعين يقولون إن شاكيرا كانت تقضي معظم الوقت في إسبانيا مع شريكها جيرارد بيكيه، لاعب نادي برشلونة لكرة القدم، وأنها كانت تغادر إسبانيا فقط للوفاء بالتزاماتها المهنية.
ومن المنتظر أن يقرر قاضي تحقيقات إسباني ما إذا كانت هناك أدلة كافية لإحالة المغنية للمحاكمة.
وشهدت إسبانيا في الفترة الأخيرة عددا من قضايا التهرب الضريبي، شملت لاعبين مشهورين في الدوري المحلي.
واعترف مارسيلو فييرا، مدافع ريال مدريد، بالتهرب الضريبي في سبتمبر/ أيلول الماضي، ما أدى إلى الحكم عليه بالسجن أربعة أشهر مع إيقاف التنفيذ.
ووجهت اتهامات بالتهرب الضريبي أيضا لنجوم بارزين مثل ليونيل ميسي، ونيمار، وكريستيانو رونالدو.

Thursday, December 13, 2018

दिलीप कुमार की आज भी नज़र उतारती हैं सायरा बानो

मैं आज भी दिलीप साहब की नज़र उतारती रहती हूँ
बिरयानी और पुलाव अब हमारे यहाँ कभी-कभार ही बनते हैं
हमारी रात कैसे गुजरी सब पर निर्भर करता है
तब दिलीप साहब के साथ मैं बेडमिन्टन खेलती थी- सायरा बानो
हिंदी सिनेमा ने यूँ तो एक से एक कई शानदार अभिनेता दिए हैं लेकिन दिलीप कुमार एक ऐसे अभिनेता हैं जिनकी बात ही कुछ और है. आज उन्हीं बेमिसाल अभिनेता दिलीप कुमार का 96 वां जन्मदिन है.
फ़िल्मों से बरसों से दूर होने के बावजूद दिलीप साहब के दुनिया भर में आज भी लाखों करोड़ों प्रशंसक हैं. उन प्रशंसकों में सबसे ज़्यादा उनका कोई प्रशंसक है तो वो हैं उनकी पत्नी सायरा, जो उनकी बचपन से दीवानी रही हैं.
हालांकि सायरा बानो स्वयं लोकप्रिय नायिका रही हैं और अपनी जंगली, अप्रैल फूल, पड़ोसन, झुक गया आसमान, पूरब और पश्चिम, विक्टोरिया नंबर 203, आदमी और इंसान तथा ज़मीर जैसी बहुत सी फिल्मों के लिए जानी जाती रही हैं.
लेकिन दिलीप कुमार से शादी के बाद उन्होंने अपना पूरा जीवन उन्हीं को समर्पित कर दिया. पिछले कई वर्षों से तो वह दिलीप साहब के हर दुःख सुख में साए की तरह उनके साथ रहती हैं. दिलीप साहब के 96 वें जन्मदिन के अवसर पर हमने उनसे एक विशेष बातचीत की.
आप इस बार 11 दिसम्बर को दिलीप साहब का यह 96 वां जन्म दिन कैसे मनाने जा रही हैं ?
कुछ ख़ास समारोह तो नहीं कर रहे इस बार. क्योंकि उनकी सेहत पिछले दिनों काफी नासाज रही है.
मेरी तबियत भी कुछ ठीक नहीं है. इसलिए कोई बड़ी पार्टी करने का कोई मौका नहीं है. बस एक छोटी सी पार्टी रखी है परिवार और करीबी दोस्तों के लिए. कुछ बहुत पुराने पहचान वाले इक्का दुक्का लोग दिन भर हर साल आते रहते हैं.
अल्लाह के फज़ल से रात तक ही यह सिलसिला चलता रहता है. इसलिए कुछ वे लोग भी इसमें शामिल होंगे.
फिल्म इंडस्ट्री से भी कुछ लोग उनके जन्म दिन पर अक्सर आते रहे हैं. मसलन अमिताभ बच्चन या शाहरुख़ खान...
अमिताभ जी बेचारे बहुत व्यस्त रहते हैं फिर भी वह कभी जन्म दिन पर या कभी भी दिलीप साहब को देखने आ ही जाते हैं.
जब युसूफ साहब अस्पताल में दाखिल थे तब भी वह उनका हाल पूछने आते रहे हैं. यहाँ तक आमिर, शाहरुख माधुरी दीक्षित और प्रियंका चोपड़ा भी आ जाते हैं. आमिर खान तो कहते हैं कि जितना मैं दिलीप साहब को चाहता हूँ उतना उनको कोई और चाह ही नहीं सकता.
सभी बहुत अच्छे बच्चे हैं. मेरे लिए तो ये बच्चे ही हैं चाहे वे आज बड़े स्टार हैं.
दिलीप साहब की सेहत अब कुल मिलाकर कैसी है. मैं ख़ास तौर से यह जानना चाहता हूँ कि जो लोग उनसे मिलने आते हैं वे उन्हें पूरी तरह पहचान पाते हैं और क्या वह उनसे बातचीत करते हैं ?
दिलीप साहब अब बीमारी के कारण बहुत कम बोलते हैं और काफी मूडी हैं. उनके मूड पर है कभी वे लोगों को पहचान लेते हैं कभी नहीं भी पहचान पाते.
अब दिलीप साहब और आपकी दिनचर्या कैसी रहती है, कितने बजे उठते हैं, कब सोते हैं ?
असल में अब कुछ भी बंधा बंधाया या फिक्स सा कुछ नहीं है. हम रिटायर लोग हैं. अपनी सुविधा से जागते सोते हैं.
सब कुछ हमारी तबियत पर निर्भर रहता है. हमारी रात कैसे गुजरी इस पर तय होता है. यदि रात को तबियत ठीक नहीं रही तो देर से उठते हैं. देर से खाते पीते हैं.
यदि तबियत ठीक रहती है तो जल्दी भी उठ जाते हैं. लोगों से तब मिलना जुलना भी होता रहता है.
दिलीप साहब क्या कभी किसी खाने की चीज़ के लिए कोई फरमायश भी करते हैं कि आज ये खाना है यह पीना है ?
नहीं अब फरमायश तो नहीं करते हैं उन्हें जो भी खाने को देते हैं वे शौक से खाते हैं. सब कुछ उनके शौक के हिसाब से ही बनता है. फिर भी हम उनकी तबियत को देखकर ही सब कुछ बनाते हैं. अब हमारा मेन्यु काफी बदल गया है.
ज्यादातर हल्की चीजें बनाते हैं सभी कुछ पैट सा है सेट है. पहले की तरह बिरयानी और पुलाव अब हमारे यहाँ कभी कभार ही बनते हैं. हाँ कभी उनकी कोई फरमायश होती है तो वह बना दिया जाता है.
दिलीप साहब के बारे में यह बात कई बार सुनी है कि उन्हें बचपन से नज़र बहुत जल्द लग जाती है. इसके लिए पहले उनकी दादी नज़र उतारती थीं और फिर उनकी माँ और फिर आप भी उनकी नज़र उतारती रही हैं. क्या अब भी आप उनकी नज़र उतारती हैं ?
बिलकुल आज भी. असल में दिलीप साहब बचपन से बेहद खूबसूरत रहे हैं. आज भी वह वैसे ही खूबसूरत हैं. उनको चाहने वाले दुनिया भर में हैं.
आज भी उन्हें बहुत जल्द नज़र लग जाती है. उनकी दादी और माँ उनकी नज़र कुछ और तरीके से उतारती थीं. क्योंकि किसी फ़क़ीर बाबा ने कहा था कि 15 साल की उम्र तक इस बच्चे को बुरी नज़र से बचा के रखना.
इसलिए वे उनके माथे पर राख लगा देती थीं. लेकिन मैं उनकी नज़र उतारने के लिए उनका सदका करती हूँ. जिसमें गरीबों को अनाज और कपड़े देने के साथ उनकी जरूरतों की कुछ और चीज़ें दे देती हूँ.

Monday, November 12, 2018

点击这里见“全球中国对话/论坛”系列开坛活动图片新闻

华东理工大学商学院制度与战略研究中心主任、中国社会学会社会网专业委员会副会长郭毅教授(左一),也提出了一个中国概念输出的问题,如在管理研究与教学过程中有阴阳、关系等概念,如何综合大陆港台的思想行为的建构研究,解析中国的概念。浙江传媒学院话语与传播研究中心主任、中国话语分析研究协会常务理事钱毓芳教授(左二)是语料库专家,她提出可以通过建立社会科学语料库的方式,通过批判话语的方法,来帮助中国概念和输出和中华话语的建构。上海交通大学老子书院院长王干城教授(右二),在大学学了七年的西方哲学,转入中国传统文化的研究,从中挖掘出老子思想,认为其精华在于12个字:生而不有、为而不恃,长(掌)而不宰,认为这与林肯的民有、民治、民享的观点一一对应。后来成立老子书院,对企业家进行传统文化的培训。孙晓婧女士(右一)是罗滕发展协会的理事长和罗藤企业品牌管理有限公司总裁,她介绍自己在英国布里斯托大学留学期间,参与了全球中国比较研究会的工作,回国创办协会和企业的同时也自觉从事公益事业,开展活动帮助贫困孩子就学。

上海财经大学人文学院经济社会学系副主任陆绯云教授(左一)早在上个世纪90年代就参与了英国社会经济研究委员会资助的关于社会支持的项目,与常向群同是项目组成员。她认为如何向世界说明中国要对文化作分解:日常生活中的文化、费孝通提出的文化自觉、文化创意产业、中华文化话语等等。费孝通的“美美与共天下大同”的观念有助于文化交流。上海社会科学院商业研究中心主任朱连庆研究员(左二)最近刚从英国回来,他介绍说,我们把眼睛向外看的时候,要看深层的东西,如英国人在商业运营时平心静气、理智行事,最后大家各得其所,社会也稳定,要探讨这后面的民族精神和民族基因。复旦大学新闻学院信息与传播研究中心副主任殷晓蓉教授(中),曾经翻译过传播学史

从全球的社会变迁进程看传播问题,中国新闻走出去很难,国家有投入,还有互联网、新媒体、自媒体等等,研究如何使用不同的媒介,如少数民族的媒介,很重要。北京大学出版社副编审、上海圣大燕园文化传播公司总经理王业龙先生(右二), 认为文化交流是双向的,但是我们实际情况是很不平衡的,出国留学的多,引进的版权多,输出的少。新文化运动100年了,正在编中英文化交流的书,希望能够走出去。最后,中国人民大学社会学理论与方法研究中心副研究员、郑杭生社会发展基金会副秘书长李战刚博士(右一),主要谈了两个问题,一是介绍郑杭生基金会对青年学人的赞助和“爱心基地”的建设,二是介绍郑杭生教授关于中国经验研究的方法与理论,如长波进程的时间和本土的两个维度,通过传统到现代的脉络来把握把全球化进程,等等。

会前,部分与会者翻阅全球中国比较研究会和全球中国出版社彩单,左上图左二这位先生是做营销策划的,他代表上海外国语大学语言研究院的赵蓉晖教授、余华博士和沈骑博士参会,他们因会议时间冲突未能与会。右上图为全球中国比较研究会的两位会长(前排左右)及其中国首席代表、艾语·希捷集 (研究|咨询|交流) 执行董事、高级顾问章简博士(后排中间)。会后,与会者们亲切交谈,下图为常向群与本次预备会议的组织者、上海觉尘文化传播有限公司策划人赵梦女士(左)合影。

以上是这次上海预备会议的主要组织和筹办者。

部分嘉宾和与会者合影留念,之后并继续聚叙。
以上根据觉尘文化提供的照片和录音整理。

Wednesday, October 10, 2018

आलोचना करते करते आईएमएफ़ की शरण में पहुंचे इमरान ख़ान

पाकिस्तान के वित्त मंत्री असद उमर ने घोषणा की है कि आर्थिक संकट से उबरने के लिए पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) से मदद मांगने का मुश्किल फैसला करना पड़ा है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भी वीडियो संदेश में बेल आउट पैकेज के लिए आईएमएफ़ से बात करने के लिए अनुमति दे दी है.
असद उमर ने अपनी घोषणा में कहा है, "प्रधानमंत्री ने हर किसी से सलाह मशविरा करने के बाद ये फ़ैसला लिया है कि आईएमएफ़ से बातचीत करना चाहिए."
माना जा रहा है कि आईएमएफ़ की शरण में जाकर पाकिस्तान मौजूदा आर्थिक संकट से निकलने की योजना पर काम कर रहा है.
पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के एक दल ने पाकिस्तान का 27 सितंबर से 4 अक्टूबर तक पाकिस्तान का दौरा भी किया था. स दौरे में आईएमएफ़ के प्रतिनिधियों ने पाकिस्तान की मौजूदा आर्थिक हालात का जायज़ा लिया है. असद उमर ने ये भी बताया है कि पाकिस्तान की हर नई सरकार के आईएमएफ़ की शरण में जाने का इतिहास रहा है.
पाकिस्तान 1980 के बाद से नियमित अंतराल पर आईएमएफ़ से मदद लेता रहा है. इससे पहले 12 बार पाकिस्तान इसी तरह से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से मदद ले चुका है.
पांच साल पहले 2013 में, पाकिस्तान सरकार ने इन्हीं परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से 6.6 अरब डॉलर का कर्ज लिया था.
ऐसे में मौजूदा समय में पाकिस्तान आईएमएफ़ से कितना लोन लेगा, इसके बारे में असद उमर ने कुछ भी साफ़ नहीं किया है.
हालांकि पाकिस्तान की आर्थिक विश्लेषकों का अनुमान है कि मौजूदा संकट से बाहर निकलने के लिए पाकिस्तान को 12 अरब डॉलर की रकम चाहिए.
पाकिस्तान के वित्त मंत्री इसी साल अगस्त में एक इंटरव्यू में कह चुके हैं कि पाकिस्तान को 10 से 12 अरब डॉलर मदद की ज़रूरत है.
पाकिस्तान पर विदेशी कर्ज बढ़कर 95 अरब डॉलर का हो चुका है. 305 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का क़रीब 30 फ़ीसदी कर्जे का है. इस कर्जे की वजह से पाकिस्तान को अपने रोजाना के खर्चे का करीब 30 फ़ीसदी हिस्सा इस लोन के ब्याज चुकाने में खर्च हो रहा है.
पाकिस्तानी के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने 14 सितंबर को अपने नौकरशाहों को संबोधित करते हुए कहा है कि इस लिए गए कर्जे को चुकाने के लिए पाकिस्तान को हर दिन छह अरब पाकिस्तानी रुपये ब्याज़ के तौर पर चुकाने पड़ रहे हैं. उनके मुताबिक पाकिस्तान इस तरह के मुश्किल में फंस गया है जहां कर्जे को चुकाने के लिए उसे नया कर्जा लेना पड़ रहा है.
पाकिस्तानी मुद्रा में भी गिरावट जारी है, एक अमरीकी डॉलर की तुलना में पाकिस्तानी मुद्रा 128 रुपया से ज्यादा के दर पर पहुंच गई है. पाकिस्तानी रूपये की गिरती सेहत के साथ साथ पेट्रोलियम तेलों के लिए विदेशी बाज़ार पर 80 फ़ीसदी से ज़्यादा की निर्भरता के चलते पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति सुधरने के संकेत नहीं मिल रहे हैं.
समाचार एजेंसी रायर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान स्टेट बैंक ने दिसंबर, 2017 के बाद से अब तक चार बार मुद्रा का अवमूल्यन किया है और इससे पाकिस्तानी रुपये की सेहत 20 फ़ीसदी कमज़ोर हुई है, इसके बाद भी करीब 305 अरब डॉलर वाली पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था पटरी पर आने में मदद नहीं मिल रही है.
पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार अपने सबसे न्यूनतम स्तर पर है. स्टेट बैंक ऑफ़ पाकिस्तान के आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 170000 लाख डॉलर के आसपास है. जो बीते साल इसी महीने में करीब 195837 लाख डॉलर से ज़्यादा था.
पाकिस्तान का आईएमएफ़ से मदद मांगना कोई नई बात तो नहीं है लेकिन इमरान ख़ान जिस तरह से आईएमएफ़ की मदद का विरोध करते रहे हैं, उसे देखते हुए वे इतनी जल्दी घुटने टेक देंगे इसकी उम्मीद लोगों को नहीं थी.
इमरान अपने संबोधनों में हमेशा ये कहते रहे हैं कि आईएमएफ़ के लोन से देश में ग़रीबी बढ़ती है.
उनके मुताबिक खर्च कम करके और आमदनी बढ़ाकर, देश को आर्थिक विकास के रास्ते पर डाला जाना चाहिए लेकिन मौजूदा संकट के समय में उन्हें अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का ही सहारा लेना पड़ा.

Friday, September 14, 2018

तस्वीरों में: मुहर्रम के लिए इंदौर पहुँचे दाउदी बोहरा समाज के लाखों लोग

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंदौर में मुहर्रम के मौक़े पर होने वाले दाउदी बोहरा समाज के ख़ास आयोजन 'अशरा मुबारका' में शिरकत करने वाले हैं.
इस मौक़े पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद होंगे.
दाऊदी बोहरा समाज के सर्वोच्च धार्मिक नेता सैय्यदना मुफ़ज़्ज़ल सैफ़ुद्दीन से भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुलाक़ात करेंगे.
सैय्यदना इन दिनों इंदौर में रह रहे हैं. इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, मोहर्रम के पहले दस दिनों को पूरी दुनिया के मुसलमान इस्लाम के आख़िरी पैग़म्बर हज़रत मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मनाते हैं.
ऐसा माना जा रहा है कि पूरी दुनिया से क़रीब दो लाख दाऊदी बोहरा मुसलमान इस समय इंदौर में हैं.
सैय्यदना इंदौर के सैफ़ी नगर स्थित बोहरा मस्जिद में ठहरे हुए हैं.
कहा जा रहा है कि मोदी उनसे वहीं मुलाक़ात करेंगे. उम्मीद है कि मोदी यहाँ जमा दाऊदी बोहरा लोगों को संबोधित भी करेंगे.
इससे पहले जब पिछले गुरुवार यानी 6 सितंबर को सैय्यदना इंदौर पहुँचे तो लोकसभा स्पीकर और इंदौर की सांसद सुमित्रा महाजन ने उनका स्वागत किया था.
ज़िला प्रशासन मोदी के दौरे के बारे में कोई भी आधिकारिक जानकारी देने से कतरा रहा है लेकिन पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं.
पुलिस के मुताबिक़, क़रीब 4,000 सुरक्षाकर्मी शहर में तैनात किए गये हैं.दौर में इसके लिए क़रीब 40 देशों के ढाई लाख लोग आये हैं जो इंदौर की 13 मस्जिदों, बगीचों, मैदान आदि स्थलों पर जुटे हैं.
आयोजन की व्यवस्था की ज़िम्मेदारी तीन हज़ार बुरहानी गार्ड्स को दी गई है.
बोहरा समुदाय का एक समूह, जो दाऊदी बोहरा कहलाता है, इस्माइली शिया फ़िक़ह को मानता है और इसी विश्वास पर क़ायम है.
अंतर ये है कि दाऊदी बोहरा 21 इमामों को मानते हैं.
उनके अंतिम इमाम तैयब अबुल क़ासिम थे जिसके बाद आध्यात्मिक गुरुओं की परंपरा है.
इन्हें दाई कहा जाता है और इस तुलना से 52वें दाई सैय्यदना बुरहानुद्दीन रब्बानी थे. साल 2014 में रब्बानी के निधन के बाद से उनके दो बेटों में उत्तराधिकार का झगड़ा हो गया और अब मामला अदालत में है.
बोहरा भारत के पश्चिमी क्षेत्र ख़ासकर गुजरात और महाराष्ट्र में पाए जाते हैं जबकि पाकिस्तान और यमन में भी ये मौजूद हैं.
यह एक सफल व्यापारी समुदाय है जिसका एक धड़ा सुन्नी भी है.
बड़े पैमाने पर या संप्रदाय के आधार पर देखा जाये तो मुसलमानों को दो हिस्सों-सुन्नी और शिया में बांटा जा सकता है.
हालांकि शिया और सुन्नी भी कई फ़िरक़ों या पंथों में बंटे हुए हैं.
बात अगर शिया-सुन्नी की करें तो दोनों ही इस बात पर सहमत हैं कि अल्लाह एक है, मोहम्मद साहब उनके दूत हैं और क़ुरान आसमानी किताब यानी अल्लाह की भेजी हुई किताब है.
लेकिन दोनों समुदाय में विश्वासों और पैग़म्बर मोहम्मद की मौत के बाद उनके उत्तराधिकारी के मुद्दे पर गंभीर मतभेद हैं.
इन दोनों के इस्लामिक क़ानून भी अलग-अलग हैं.

Monday, September 3, 2018

21 साल बाद संजय संग माधुरी ने शूट किया सीन! कभी रहा था अफेयर

धुरी दीक्ष‍ित और संजय दत्त 21 साल बाद एक साथ करण जौहर की फिल्म 'कलंक' में साथ काम कर रहे हैं. पहले खबरें थीं कि दोनों फिल्म का ह‍िस्सा जरूर हैं, मगर फिल्म में कोई सीन साथ नहीं करेंगे. इस बात को लेकर दोनों के फैंस में निराशा थी. अब एक र‍िपोर्ट सामने आई है जिसमें कहा जा रहा है कि दोनों स्टार्स ने एक साथ कई सीन शूट किए हैं.
पिंकविला की एक रिपोर्ट के मुताबिक दोनों सितारों ने हाल ही में फिल्म के लिए एक साथ सीन शूट किए हैं. हालांकि इसे लेकर अभी आधिकारिक रूप से कुछ भी नहीं कहा गया है. बता दें कि प‍िछले द‍िनों जब माधुरी से पूछा गया कि संजय संग लंबे समय बाद फिल्म करने का अनुभव कैसा है? उन्होंने सीधा कुछ कहने से बचते हुए कहा था- "कलंक संजय दत्त के अलावा वरुण धवन और आलिया भट्ट की भी फिल्म है." खबरें ये भी थीं कि माधुरी ने संजय के साथ फिल्म में सीन नहीं होने की शर्त पर ही करण जौहर को फिल्म में काम करने की रजामंदी दी थी.
संजय दत्त की ज‍िंदगी में माधुरी का अहम रोल रहा है, लेकिन दोनों ही स्टार ने इस बात पर कभी ऑफ‍िश‍ियल कमेंट नहीं किया. प‍िछले द‍िनों संजय की बायोपिक संजू में भी माधुरी से जुड़ा एक सीन था, लेकिन माधुरी की र‍िक्वेस्ट पर इसे हटा द‍िया गया था.
संजय-माधुरी के बीच लंबे वक्त तक अफेयर रहा. दोनों की शादी तो नहीं हो पाई, लेकिन एक्टर ने पिछले साल लोगों को एक बयान देकर चौंका दिया था. उन्होंने कहा था, वो माधुरी दीक्षित से शादी करना चाहते थे. खैर हैरान होने की बात नहीं है, संजय दत्त ने ये मजाक में कहा था. दरअसल, पिछले साल गोवा फेस्ट में संजय दत्त से पूछा गया कि अगर उन्हें मौका दिया जाए तो वो किस बॉलीवुड एक्ट्रेस से शादी करना चाहेंगे? उन्होंने जवाब दिया था- क्या कोई मान्यता दत्त को जानता है? कोई नहीं जानता? लेकिन मैं माधुरी दीक्षित से शादी करना चाहता हूं.

25 अगस्त 2007 को हैदराबाद में हुए डबल ब्लास्ट केस में  की स्पेशल कोर्ट ने आरोपियों को दोषी करार दिया है. मंगलवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए अनिक शफीक सैयद और मोहम्मद अकबर को दोषी करार दिया. जबकि दो आरोपियों को बरी भी किया गया है.
इन डबल बम धमाकों में 42 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से ज्यादा जख्मी हुए थे. इन दो बम धमाकों में पहला खाने-पीने के लिए मशहूर कोटी इलाके के गोकुल चाट भंडार में हुआ था. वहीं, दूसरा शहर के व्यस्तम टूरिस्ट स्पॉट लुम्ब‍िनी पार्क में था. धमाकों के बाद पुलिस ने दो अलग जगहों से दो जिंदा IED भी बरामद किए थे. 
इसके लिए चेरापल्ली सेंट्रल जेल में इसके लिए खास इंतजाम किए गए हैं, जहां इस मामले की ट्रायल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चल रही थी.  
तेलंगाना काउंटर इंटेलीजेंस सेल ने जांच के दौरान मामले में 7 लोगों को आतंक फैलाने के लिए आरोपी बनाया था और तीन अलग-अलग चार्जशीट दायर की थी.
सेल ने जांच के दौरान पाया कि आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के फाउंडर रियाज भटकल और इकबाल भटकल इन धमाकों के मास्टरमांइड थे. साथ ही अनिक शफीक सईद, मोहम्मद अकबर इस्माइल चौधरी, फारुख शर्फूद्दीन, मोहम्मद सादिक शेख और आमिर रसूल खान इसमें शामिल थे.
रियाज भटकल, इकबाल भटकल, फारुख शर्फूद्दीन और आमिर रसूल अब भी फरार हैं. अनिक शफीक, मोहम्मद अकबर इस्माइल और मोहम्मद सादिक की गिरफ्तारी की जा चुकी है. आरोपियों की गिरफ्तारी धारा आईपीसी की धारा 302 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत की गई है.
आपको बता दें कि लुंबिनी पार्क में एक शख्स अपने साथ बैग में IED लेकर पहुंचा था. चश्मदीदों के मुताबिक, बम फटने के बाद आसपास लाशों के ढेर लग गया. मरनेवालों में से ज्यादातर छात्र थे, जो कि महाराष्ट्र के रहने वाले थे. लुंबिनी पार्क में बम धमाका शाम 7 बजकर 30 मिनट पर हुआ था, इस मामले में पहली गिरफ्तारी जनवरी 2009 को हुई.

प्रेस रिव्यू: 'हिंदुओं के दो शादी करने पर क़ानूनी कार्रवाई हो'

भारतीय विधि आयोग ने सरकार को हिंदुओं में प्रचलित दो शादियों के चलन को रोकने के लिए 'क़ानूनी कार्रवाई' करने को कहा है.
यह ख़बर
नवभारत टाइम्स में छपी ख़बर
यह जानकारी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ़) के महानिदेशक आर भटनागर ने दी है.
भटनागर ने एक साक्षात्कार में कहा है कि वामपंथी उग्रवादियों को पांव पसारने से रोकने के लिए और उनका ख़ात्मा करने के लिए सीआरपीएफ़ राज्य पुलिस बल के साथ मिलकर कार्रवाई कर रही है.डियन एक्सप्रेस में ख़बरनिक जागरण की ख़बरडियन एक्सप्रेस की ही एक और रिपोर्ट के मुताबिक अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने केंद्र सरकार के उस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है जिसमें सरकार ने विश्वविद्लाय के नाम से 'मुस्लिम' शब्द हटाने की बात कही है.
उन्होंने केंद्र सरकार को एक चिट्ठी लिखकर कहा है कि यूनिवर्सिटी का नाम इसके इतिहास और मक़सद को दर्शाता है.
उन्होंने कहा यूनिवर्सिटी के नाम से मुस्लिम शब्द हटाना निरर्थक है.
के मुताबिक पाकिस्तान के परमाणु हथियारों का जख़ीरा भारत से कहीं ज़्यादा बड़ा है.
यह जानकारी FAS यानी एजेंसी फ़ेडरेशन ऑफ़ अमेरिकन साइंटिस्ट्स की ताज़ा रिपोर्ट से मिली है.
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में परमाणु हथियारों की क्षमता 280-300 से है जबकि भारत की 260-280.
वहीं, चीन 560 के आंकड़े के साथ भारत और पाकिस्तान दोनों से बहुत ज़्यादा आगे है.
है कि कनाडा में पढ़ाई करने वाली 28 साल की एक युवती को सोमवार को तूतीकोरन में गिरफ़्तार करके 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उन्होंने एक फ़्लाइट में बीजेपी सरकार को फासीवादी कहते हुए नारे लगाए थे.
जब युवती ने ये नारा लगाया तब फ़्लाइट में तमिलनाडु के बीजेपी प्रमुख तमिलसाई सुंदरराजन भी मौजूद थे.
के मुताबिक छत्तीसगढ़ से पिछले एक साल में ऐसे 500 लोगों को गिरफ़्तार किया है, जिनके तार किसी न किसी तरह माओवादियों से जुड़े थे.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी है.
आयोग का कहना है कि इस बात के सबूत और आंकड़े हैं कि कई हिंदू दो शादियां करने के लिए धर्मांतरण कर रहे हैं.
लॉ कमीशन ने सुप्रीम कोर्ट के हवाले से कई उदाहरण पेश करते हुए कहा कि हिंदुओं में दो शादियां करने के प्रचलन के बावजूद और इसके ख़िलाफ़ क़ानून होने के बावजूद उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती.
भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 494 के अनुसार अगर कोई शख़्स अपने पहले पति या पत्नी के रहते और बिना उससे तलाक़ लिए दूसरी शादी करता है तो उसे सात साल की जेल से लेकर आजीवन कारावास तक की सज़ा हो सकती है.
बीबीसी रेडियो की एक प्रेज़ेंटर रैचेल ब्लैंड ने सोशल मीडिया पर ऐलान किया है कि वो बस चंद दिनों की मेहमान हैं.
रैचेल को एक लाइलाज कैंसर है. 40 वर्षीय पत्रकार को नंवबर 2016 में डॉक्टरों ने बताया था कि उन्हें ब्रेस्ट कैंसर है.
पिछले महीने उन्होंने कहा था कि वो अपने दो साल के बेटे फ़्रेडी के लिए अपने संस्मरण लिखकर छोड़ना चाहती हैं क्योंकि उनके पास एक साल से भी कम वक्त है.
सोमवार को उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि वो फ़िलहाल अपना काम जारी रखेंगी.
रैचेल ने ट्वीट किया, "फ़्रैंक एस के शब्दों में कहूं तो दोस्तो मेरा वक्त आ गया है...मुझे बताया गया है कि मेरे पास सिर्फ़ कुछ ही दिन और हैं. मैं सभी का सहयोग के लिए शुक्रिया अदा करती हूँ. "
बीबीसी रेडियो के मशहूर प्रेंजेंटर रिचर्ड बेकन ने ट्वीट किया, "सदमा पहुंचाने वाला समाचार. रैचेल इस वक्त तुम मेरे ख़्यालों में हो. मुझे तुम्हारे साथ पेश किए गए कार्यक्रमों की याद आ रही है. मुझे बहुत ही दुख है, तुम अद्भुत हो."
उन्हीं के ओर साथ निकी कैम्बेल ने भी ट्वीट कर कहा, "तुम एक कमाल की इंसान हो. सबको प्यार."
बीबीसी की एक मशहूर एंकर विक्टोरिया डर्बीशर को भी साल 2015 में ब्रेस्ट कैंसर हुआ था.
विक्टोरिया से ट्वीट किया, "हिम्मत, नज़ाकत और मुस्कान- तुम्हारी यही पहचान है. तुम ज़बरदस्त हो."चेल ब्लैंड 15 साल से बीबीसी में काम कर रही हैं. हाल के सालों में वो 'बीबीसी रेडियो 5 लाइव' से जुड़ी रही हैं.
उनका ब्रेस्ट कैंसर अब उनके जिस्म के बाकी हिस्सों में तेज़ी से फैलता जा रहा है.
पिछले महीने ब्रितानी अख़बार द टेलिग्राफ़ में उन्होंने लिखा, "मैं उसके लिए वो सारी कहानियां और सलाह-मशविरा छोड़ना चाहती हूँ जो मैं अपनी ग़ैर-हाज़िरी में नहीं दे पाऊंगी. मुझे मौत का डर नहीं है. डर है तो बस उनका जिन्हें मैं पीछे छोड़ कर चली जाऊंगी. "